“अनुभव” फीडबैक की जिलावार समीक्षा: आईजीपी रामगोपाल गर्ग ने रेंज के एसपी के साथ की वर्चुअल बैठ
बिलासपुर | न्यूज डेस्क
बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक ने बुधवार को रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों की वर्चुअल बैठक लेकर “अनुभव” फीडबैक प्रणाली के तहत प्राप्त सुझावों और शिकायतों की जिलावार समीक्षा की। बैठक में पिछले एक माह के दौरान थानों में आने वाले लोगों द्वारा दिए गए फीडबैक के आधार पर पुलिस व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक , रायगढ़ के एसएसपी , कोरबा के एसपी , जांजगीर-चांपा के एसपी , गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के एसपी और सक्ती के एसपी शामिल हुए।
आईजीपी ने रेंज कार्यालय से प्रतिदिन भेजे जा रहे अनुभव फीडबैक के आधार पर सभी जिलों की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षकों से विस्तृत जानकारी ली और सुधार के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
जिलावार फीडबैक की स्थिति
1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 के बीच विभिन्न जिलों से प्राप्त फीडबैक का विवरण इस प्रकार रहा—
बिलासपुर: कुल 201 फीडबैक, सबसे अधिक थाना सरकंडा में 64 और सिविल लाइन में 20। वहीं सिटी कोतवाली, बिल्हा, अजाक, यातायात थाना, रेंज साइबर थाना, ACCU, सिम्स पुलिस सहायता केंद्र और मोपका में शून्य फीडबैक मिला।
रायगढ़: कुल 331 फीडबैक, जूटमिल और कोतरारोड थाने में 44-44 फीडबैक। अजाक और महिला थाना में कोई फीडबैक नहीं।
कोरबा: कुल 55 फीडबैक, उरगा थाना में सबसे अधिक 12। कई थानों में शून्य फीडबैक दर्ज।
जांजगीर-चांपा: कुल 100 फीडबैक, सारागांव में 20 और जांजगीर में 11।
मुंगेली: कुल 230 फीडबैक, पथरिया में 46, लोरमी में 24, सिटी कोतवाली में 33 और साइबर सेल में 21।
सारंगढ़-बिलाईगढ़: कुल 51 फीडबैक, डोंगरीपाली में 11 जबकि बिलाईगढ़ थाना में शून्य।
सक्ती: कुल 127 फीडबैक, मालखरौदा में 38, जैजैपुर में 20 और डभरा में 19।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: कुल 39 फीडबैक, पेण्ड्रा थाना में 22 जबकि खोडरी चौकी में शून्य।
औसत रेटिंग 3.5
आईजीपी के अनुसार अधिकांश थानों की रेटिंग 5 के पैमाने पर औसतन 3.5 के आसपास रही, जिस पर संतोष व्यक्त किया गया। हालांकि इससे कम रेटिंग वाले थानों में सुधार के निर्देश दिए गए।
क्यूआर कोड से मिलता है फीडबैक
“अनुभव” व्यवस्था के तहत थानों और पुलिस कार्यालयों में आने वाले लोग वहां लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर अपने सुझाव और शिकायत दर्ज कर सकते हैं। फीडबैक में कहीं पेयजल और बैठने की व्यवस्था की कमी, कहीं पुलिस कर्मियों के व्यवहार की शिकायतें तो कई जगह पुलिस के त्वरित कार्य के लिए प्रशंसा भी सामने आई है।
आईजीपी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि प्राप्त हर फीडबैक की समीक्षा कर थानों में मौजूद कमियों को दूर किया जाए। जिन थानों से लगातार सकारात्मक फीडबैक मिल रहे हैं, उन्हें पुरस्कृत करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि अनुभव से प्राप्त फीडबैक रेंज स्तर पर संकलित कर संबंधित जिलों को भेजा जाता है, जहां पुलिस अधीक्षक उनकी समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करते हैं। इस तरह की समीक्षा बैठक हर महीने आयोजित की जाएगी।
आईजीपी ने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे “अनुभव” के माध्यम से पुलिस के कार्यों पर अपना फीडबैक और सुझाव जरूर दें, ताकि पुलिस सेवाओं को और बेहतर बनाया जा सके।