राजधानी में ‘मेडिकल फ्रॉड’: विधायक के पत्र पर कराया हर्निया का ऑपरेशन, 15 महीने बाद भी अस्पताल को नहीं मिला भुगतान

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जालसाजी का एक अनोखा मामला सामने आया है, जहाँ एक राजनैतिक दल की कार्यकर्ता ने कथित तौर पर रसूख और सरकारी पत्रों का झांसा देकर अस्पताल को हजारों रुपये का चूना लगाया है। मामला मेटल पार्क बीरगांव निवासी कविता वर्मा और सुनील वर्मा से जुड़ा है।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, कविता वर्मा ने राजधानी के साई केयर अस्पताल में अपना इलाज कराया था। अस्पताल के डॉ. पटेल ने बताया कि उक्त महिला ने एक क्षेत्रीय विधायक का अनुशंसा पत्र दिखाया था। महिला का दावा था कि उसके ऑपरेशन का सारा खर्च मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा वहन किया जाएगा और राशि सीधे अस्पताल के खाते में स्वीकृत होकर आ जाएगी।

​भरोसे में आकर डॉक्टर ने महिला का हर्निया का सफल ऑपरेशन कर दिया। लेकिन ऑपरेशन के 15 महीने बीत जाने के बाद भी अस्पताल को शासन या मरीज की ओर से एक रुपया भी प्राप्त नहीं हुआ है।

कानूनी कार्रवाई की तैयारी

​डॉ. पटेल ने इस मामले को ‘मेडिकल फ्रॉड’ करार देते हुए कहा है कि वे अब इस धोखाधड़ी के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने बताया:

​”हमने इस पूरे मामले में कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ली है। जल्द ही संबंधित थाने में कविता वर्मा और सुनील वर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला (FIR) दर्ज कराया जाएगा।”

पुराना है धोखाधड़ी का इतिहास?

​सूत्रों का दावा है कि यह पहली बार नहीं है जब उक्त महिला ने इस तरह की घटना को अंजाम दिया है। चर्चा है कि इससे पहले भी कई लोगों के साथ इसी तरह की जालसाजी की गई है, जिसकी शिकायतें अलग-अलग थानों में लंबित हैं।

​यह मामला सरकारी सहायता के नाम पर निजी अस्पतालों को गुमराह करने वाली गतिविधियों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

ब्यूरो रिपोर्ट: रोशनी न्यूज़