10 दिन में 1 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा, संपत्ति कुर्क करने न्यायालय में प्रतिवेदन

🔴 बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

10 दिन में 1 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा, संपत्ति कुर्क करने न्यायालय में प्रतिवेदन

👉 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 107 के तहत बिलासपुर पुलिस ने ठगी के मामले में एक विशिष्ट कार्यवाही करते हुए आरोपियों की खरीदी हुई संपत्ति को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की है।

मामला क्या है?

  • अपराध क्रमांक 1041/2025 अंतर्गत आरोपी हीरानंद भगवानी, नायरा भगवानी और मुरली लहजा पर आरोप है कि
    उन्होंने “40 दिन में राशि दोगुनी” करने का लालच देकर 100 से अधिक निर्दोष लोगों से 1 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।
  • पुलिस ने नायरा भगवानी और मुरली लहजा को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी हीरानंद भगवानी अब भी फरार है।

जांच में सामने आया

  • आरोपियों ने ठगी के पैसों से ग्राम तिफरा में 1200 वर्ग फीट का भूखंड
    25 लाख 80 हजार रुपये में खरीदा।
  • पुलिस ने इस संपत्ति को अपराध की आय घोषित करते हुए BNSS की धारा 107 के तहत कुर्क करने के लिए न्यायालय में प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है।

पुलिस की सख़्त नीति

  • BNSS की धारा 107 पुलिस को यह अधिकार देती है कि अपराध से अर्जित संपत्ति को जब्त कर अपराधियों को आर्थिक रूप से पंगु बनाया जा सके।
  • इस कार्रवाई का उद्देश्य है कि अपराध का लाभ अपराधियों के किसी काम न आए और पीड़ितों को न्याय दिलाया जा सके।

पुलिस टीम को सम्मान

  • इस प्रकरण की विवेचना कर रहे उप निरीक्षक विष्णु यादव को उनकी उत्कृष्ट अन्वेषण क्षमता के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा नगद इनाम की घोषणा की गई है।

विशेष उल्लेखनीय

  • अपराध दर्ज होने के केवल 10 दिन के भीतर ही बिलासपुर पुलिस ने कठोर कार्रवाई कर प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया।
  • बिलासपुर पुलिस का संदेश स्पष्ट है: “अपराध और अपराधियों के खिलाफ किसी तरह की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”