कश्यप कॉलोनी में गरमाई सियासत – क्या सेन्ट्रल पंचायत की वोटर लिस्ट में हेरफेर हो रहा है ?

  1. 📰 रोशनी न्यूज़ बेबाक सवाल .. सूत्रों के हवाले से …

कश्यप कॉलोनी में गरमाई सियासत – क्या सेन्ट्रल पंचायत की वोटर लिस्ट में हेरफेर हो रहा है ?

बिलासपुर |
कश्यप कॉलोनी में पूज्य सेन्ट्रल पंचायत की टीम के दौरे के दौरान बड़ा बवाल। समाजसेवी किशोर कृपलानी ने खुले मंच से आरोप लगाया—
“वोटर लिस्ट में 10% नाम गलत हैं।”

सूत्रों के अनुसार, मौके पर मौजूद प्रकाश ग्वलानी ने भी गड़बड़ी की बात कही, लेकिन बाद में सफाई देते हुए कहा—
“नींद में बोल दिया होगा।”

🔥 विवाद की जड़

कृपलानी का सवाल — कश्यप कॉलोनी के पहले अध्यक्ष और पूर्व दावेदार का नाम लिस्ट में चौथे नंबर पर था, लेकिन सवाल उठाने के बाद हटा क्यों दिया गया ?
कृपलानी ने सेन्ट्रल पंचायत को बेमान तक बोल दिया और वहा पर पी ऐन बजाज, किशोर गेमनानी और काफी लोगो से काफी लम्बी बहस हुई ।

सूत्र बताते है कि कृपलानी का नाम पहले फाइनल था बाद में सेन्ट्रल के पूर्व अध्यक्ष धनराज आहूजा ने हटवा दिया अपने बिग बोस के कहने पर ये चर्चा वार्ड में तेजी से फेल रही है ?

आरोप है कि टीम अपने समर्थकों के नाम जोड़ रही है और विरोधियों के नाम हटाए जा रहे हैं।

📜 पुराना विवाद भी जुड़ा

यह पहला मौका नहीं। मुरलीधर वाधवानी पहले ही मुख्य चुनाव अधिकारी विनोद खत्री को आपत्ति पत्र दे चुके हैं।
विशेष सूत्र का दावा — “सेन्ट्रल पंचायत बिलासपुर में मनमानी पर उतर आई है ?”

सिंधी सेंट्रल पंचायत चुनाव में ‘सूची की सर्जरी’ और ‘पते का जादू’ — मुरलीधर वाधवानी ने खोला बड़ा मोर्चा

🗯 बेबाक सवाल

क्या यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है या “अपने लोगों” का चुनावी खेल ?

क्या मतदाता सूची विरोध की आवाज़ दबाने का हथियार बन चुकी है ?

क्या समाज को चुपचाप दर्शक बना दिया गया है ?

क्या “पैरा शूट लैंडिंग” से प्रत्याशी थोपे जा रहे हैं ?

क्या वार्ड मुखिया पैसों और ब्याज के दबाव में हैं ?

क्या शादी-ब्याह या कारोबार रोकने की धमकी राजनीति का हिस्सा बन चुकी है ?

💥 एक्सक्लूसिव खुलासा

क्या यही दबाव वार्ड मुखियों पर भी डाला जा रहा है?

📌 आख़िरी सवाल

क्या पूज्य सेन्ट्रल पंचायत में लोकतंत्र सिर्फ़ नाम का रह गया है?
क्या वार्ड मुखियाओं पर दबाव और सौदेबाज़ी का खेल अब आम बात बन चुका है?