युवा विंग की बैठक में अध्यक्ष पद पर मंथन, लेकिन बनी नहीं सहमति – क्या सेन्ट्रल पंचायत चुनाव की सियासत बनी बाधा ?

*📰 युवा विंग की बैठक में अध्यक्ष पद पर मंथन, लेकिन बनी नहीं सहमति – क्या सेन्ट्रल पंचायत चुनाव की सियासत बनी बाधा ?*

बिलासपुर – 31 जुलाई को मोटूमल भीमनानी धर्मशाला में आयोजित हुई युवा विंग की कार्यकारिणी बैठक में अध्यक्ष पद के लिए चार नाम सामने आए:

1. रोबिन वाधवानी

2. पवन वाधवानी

3. नीरज जाग्यासी

4. बंटी वाधवानी

 

हालांकि, बैठक के दौरान आपसी सहमति नहीं बन सकी, और अध्यक्ष के चयन को फिलहाल टाल दिया गया। सूत्रों के अनुसार, इस अनिर्णय के पीछे पूज्य सिंधी सेन्ट्रल पंचायत के आगामी चुनाव भी एक बड़ा कारण हो सकते हैं।

*🎯 क्या वजह रही सहमति न बनने की ?*

क्या यह चारों नामों के पीछे गुटबाजी का संकेत है?

क्या युवा विंग में भी अब सेवा से ज़्यादा वर्चस्व की राजनीति हावी होती जा रही है ?

क्या यह तय रणनीति है कि सेन्ट्रल पंचायत चुनाव से पहले युवा विंग को निष्क्रिय रखा जाए ताकि सत्ता समीकरण प्रभावित न हों?

🕵️‍♂️ सूत्रों का दावा:
सूत्र बताते हैं कि इस पूरी रणनीति के पीछे एक “अदृश्य चेहरा” सक्रिय है, जो न केवल युवा विंग बल्कि सेन्ट्रल पंचायत की अंदरूनी चालों को भी संचालित कर रहा है।

📌 सवाल यह भी उठ रहा है कि युवा विंग जैसा ऊर्जावान संगठन क्या अब केवल बड़े चुनावों का एक “मोहरा” बनकर रह गया है?

अब सबकी निगाहें 10 अगस्त पर टिकी हैं, जब सेन्ट्रल पंचायत चुनाव के लिए अध्यक्ष पद के दावेदारों के नाम सामने आएंगे।

क्या युवा विंग की स्थिति भी चुनावी गोटियों की तरह खेली जाएगी?
या फिर संगठन अपने मूल उद्देश्य यानी सेवा और समाज हित के मार्ग पर वापस लौटेगा?

⏳ फैसला समय करेगा…