🛑 रायपुर न्यूज़ | मेडिकल लापरवाही का बड़ा मामला
🗓️ तारीख: 2 अगस्त 2025
✍️ रिपोर्ट: रोशनी न्यूज़ बेबाक अंदाज़ में
⚠️ गर्दन की जगह कंधे का ऑपरेशन — लापरवाही से गई जान
उपभोक्ता फोरम का बड़ा फैसला, निजी अस्पताल पर ₹5 लाख का जुर्माना
रायपुर – एक गंभीर मेडिकल लापरवाही के मामले में उपभोक्ता फोरम ने रायपुर के एक निजी अस्पताल को दोषी ठहराते हुए 5 लाख रुपये का मुआवजा और 25,000 रुपये मानसिक पीड़ा के लिए पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है।
🔴 क्या है पूरा मामला?
रेशमा वासवानी ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी कि 27 फरवरी 2014 को उनके पति छत से गिर गए थे और उनकी गर्दन में चोट आई थी। उन्हें इलाज के लिए मेडिसाइन अस्पताल लाया गया। उस वक्त मरीज होश में था और बातचीत कर पा रहा था।
जांच में गर्दन की हड्डी में चोट (Cervical Injury) पाई गई, पर अस्पताल प्रबंधन ने चौंकाने वाला कदम उठाते हुए मरीज का कंधे का ऑपरेशन कर दिया। साथ ही बिना ज़रूरत मरीज को आईसीयू और वेंटीलेटर पर रख दिया गया, जबकि वह खुद से सांस ले पा रहा था।
💸 4.5 लाख लिए, सुधार नहीं हुआ
17 दिन तक वेंटीलेटर पर रखने के बावजूद मरीज की हालत नहीं सुधरी। डॉक्टरों ने बाद में गले में वेंटीलेटर शिफ्ट करने के लिए ऑपरेशन की बात कही और पैसे भी लिए, लेकिन ENT स्पेशलिस्ट की मौजूदगी के बिना ही गले में छेद कर वेंटीलेटर लगाया गया। इसके बाद मरीज के शरीर में संक्रमण फैल गया।
🏥 अंबेडकर अस्पताल ने खोली पोल
20 मार्च को मरीज को अंबेडकर अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने 36 घंटे में वेंटीलेटर हटा दिया और बताया कि ना तो गले में इतना बड़ा छेद करना चाहिए था, ना ही गर्दन का ऑपरेशन रोका जाना चाहिए था। स्थिति और बिगड़ी और 29 मार्च 2014 को मरीज की मौत हो गई।
⚖️ उपभोक्ता फोरम का सख्त रुख
मरीज की मौत के बाद परिजनों ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज की। सुनवाई के बाद फोरम ने अस्पताल को लापरवाही का दोषी पाया और ₹5 लाख का मुआवजा व ₹25,000 मानसिक क्षतिपूर्ति का आदेश दिया।
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