आरक्षक सस्पेंड, टीआई पर जांच शुरू – किसान से रिश्वत और झूठे केस का मामला

आरक्षक सस्पेंड, टीआई पर जांच शुरू – किसान से रिश्वत और झूठे केस का मामला

📍 बिलासपुर, छत्तीसगढ़
रिपोर्ट – रोशनी न्यूज़

बिल्हा थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस पर किसान से रिश्वत लेने और झूठा केस दर्ज करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए आरक्षक बलराम विश्वकर्मा को तत्काल निलंबित कर दिया है, वहीं थाना प्रभारी उमेश साहू पर डीएसपी स्तर की जांच शुरू करा दी गई है।

👉 क्या है पूरा मामला?

ग्राम केसला निवासी किसान रवि प्रकाश कौशिक ने आरोप लगाया है कि वह अपने खेत में दवा छिड़कने गया था, तभी पुलिस ने उसकी बाइक जब्त कर ली। जब वह बाइक छुड़ाने थाने पहुंचा, तो टीआई ने 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की। पैसे न देने पर आरक्षक बलराम विश्वकर्मा ने उसे च्वाइस सेंटर ले जाकर जबरन 10 हजार रुपये निकलवाए, और बाद में उस पर झूठा जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दिया गया।

👉 SSP ने की तुरंत कार्रवाई

पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया।
उनका कहना है –

“प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए हैं, आरक्षक को निलंबित कर दिया गया है और टीआई पर डीएसपी स्तर की जांच शुरू हो गई है। दोषी कोई भी हो, कार्रवाई तय है।

👉 पुलिस की छवि फिर सवालों के घेरे में

यह मामला पुलिस की कार्यशैली और जनता में भरोसे को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े करता है। यदि पुलिस खुद ही नागरिकों से रिश्वत मांगने और झूठे केस गढ़ने लगे, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की उम्मीद किससे की जाए ?