*बिलासपुर सिंधी समाज में परिवर्तन की बयार — गॉड फादर संस्कृति का अंत निकट*

*बिलासपुर सिंधी समाज में परिवर्तन की बयार — गॉड फादर संस्कृति का अंत निकट

 

*विकास रोहरा, रोशनी न्यूज़, बिलासपुर*

*ख़ास रिपोर्ट:*

सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार बिलासपुर सिंधी समाज में वर्षों से जिस गुटबाजी, दिखावे और गॉड फादर संस्कृति का बोलबाला था, अब उसका प्रभाव लगातार कमजोर पड़ रहा है। कभी जो कुछ गिने-चुने चेहरे खुद को समाज का मालिक समझ बैठें थे, अब उनकी पकड़ ढीली पड़ती नजर आ रही है।

कहा जा रहा है कि ऐसे लोगों के कई बड़े काम अब ठप पड़ने लगे हैं। खास तौर पर जमीन-संपत्ति के सौदों और अन्य सौदेबाजी में अब उनकी पूछ कम हो गई है। समाज के जागरूक लोगों का कहना है कि यह बिल्कुल स्वाभाविक है क्योंकि बुराई का अंत एक दिन जरूर होता है, और उसकी शुरुआत बिलासपुर में हो चुकी है।

*नई पीढ़ी का जागरूक रुख*

जहां एक ओर कुछ लोग अभी भी चाटुकारिता और स्वार्थ की राजनीति में उलझे हुए हैं, वहीं समाज का एक बड़ा वर्ग अब सत्य और ईमानदारी के रास्ते पर आगे बढ़ने की बात कर रहा है। शहर में कई नए उद्यमी और डीलर उभरे हैं जो बिना किसी गुटबाजी और दबाव के अपना काम कर रहे हैं।

ये लोग न सिर्फ अपने व्यवसाय को ईमानदारी से बढ़ा रहे हैं बल्कि समाज के लिए भी एक मिसाल पेश कर रहे हैं। अब समय आ गया है जब बिलासपुर सिंधी समाज को भी इस सच्चाई को समझना होगा कि गुलामी, चापलूसी और दलाली का युग खत्म होना चाहिए।

*सवाल करना ज़रूरी*

समाज में परिवर्तन तभी आएगा जब लोग सवाल करना सीखेंगे, गलत को गलत कहेंगे और सही का साथ देंगे। अब कोई भी व्यक्ति अगर खुद को गॉड फादर समझे, तो समाज को मिलकर उससे सवाल करना होगा — “आपने समाज के लिए क्या किया? समाज के नौजवानों को आगे बढ़ाने के लिए क्या योजना है?”

*उम्मीद की किरण*

इस बदलाव की बयार से ये साफ है कि आने वाले समय में बिलासपुर सिंधी समाज में न सिर्फ नेतृत्व बदलेगा बल्कि मानसिकता भी बदलेगी। अब समाज को ईमानदार, निष्पक्ष और विकासशील नेतृत्व की ज़रूरत है, जो निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर सबके लिए काम करे।

*रोशनी न्यूज़ समाज में ऐसी सकारात्मक सोच और बदलाव की दिशा में काम करने वालों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा।*