रायपुर, 18 जून 2025
राज्य के चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा अपने अधीनस्थ अस्पतालों और मेडिकल कॉलेज परिसरों में मीडिया कवरेज पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। सरकार के इस फैसले पर पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने कड़ा ऐतराज जताया है।
सिंहदेव ने कहा, “सरकार मीडिया पर सेंसरशिप लगाकर अपनी नाकामी छिपाना चाहती है। अस्पतालों की जमीनी सच्चाई और बदहाल व्यवस्थाएं जब मीडिया के माध्यम से सामने आती हैं, तब सरकार असहज हो जाती है।”
पूर्व मंत्री ने इस कदम को लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर जनता के सूचना के अधिकार पर हमला है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर पारदर्शिता में विश्वास रखती है तो उसे मीडिया से डरने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।
सरकार की दलील
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला अस्पतालों की कार्यप्रणाली में बाधा रोकने और रोगियों की निजता की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया है। विभाग ने निर्देश दिया है कि मीडिया की उपस्थिति अब बिना पूर्व अनुमति के वर्जित रहेगी।
विपक्ष का हमला
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार जवाबदेही से बच रही है और यह आदेश उसकी तानाशाही मानसिकता को दर्शाता है।
यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है और संभावना है कि आगामी विधानसभा सत्र में भी यह मुद्दा गूंजेगा।
