अवैध रेत उत्खनन से तबाही की कगार पर घूटकू, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

अवैध रेत उत्खनन से तबाही की कगार पर घूटकू, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

बिलासपुर, 23 जुलाई।

बिलासपुर जिले के ग्राम पंचायत घूटकू में इन दिनों अवैध रेत उत्खनन धड़ल्ले से जारी है और प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रेत माफियाओं की यह मनमानी अब गांव की उपजाऊ जमीन को निगलने पर उतारू है। तेज़ जल कटाव की वजह से सैकड़ों एकड़ खेत बर्बादी के मुहाने पर पहुंच चुके हैं।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस अवैध कार्य का विरोध किया तो उन्हें ग्राम सरपंच द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई और झूठे केस में फंसाने की धमकियां दी गईं। उनका यह भी दावा है कि इस पूरे रैकेट में गांव के कुछ प्रभावशाली रसूखदार लोग भी शामिल हैं, जो कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं।

प्रशासन से अल्टीमेटम: एक हफ्ते में कार्रवाई वरना आंदोलन

ग्रामीणों व महिला संगठनों ने एक सुर में चेताया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर अवैध उत्खनन पर कड़ी रोक नहीं लगाई गई और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे मंगला भैंसा झार स्थान पर धरना और उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात कह रहे हैं, लेकिन जब प्रशासन और जनप्रतिनिधि अनसुनी करते हैं, तब आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचता है।

शासन से जवाबदेही की मांग

ग्रामीणों ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और जिला प्रशासन की होगी। उन्होंने मीडिया से अपील की है कि वे इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाएं ताकि शासन तक उनकी पीड़ा और आवाज पहुंच सके।


निष्कर्ष:
घूटकू की यह आवाज़ केवल एक गांव की नहीं, बल्कि उस पूरे सिस्टम पर सवाल है जो मुनाफाखोरी के आगे जनहित की बलि चढ़ा रहा है। अब देखना यह है कि शासन सोई हुई नींद से कब जागता है?